रेल यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों के समय पालन हेतु मेरा निरंतर प्रयास रंग ला रहा है
टाटानगर रेलवे स्टेशन और कांड्रा–आदित्यपुर रेल खंड पर पिछले लंबे समय से ट्रेनों के अत्यधिक विलंब की समस्या यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। समय पर ट्रेन न पहुंचने से नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी, बुजुर्ग और दूरदराज से आने वाले यात्री लगातार प्रभावित हो रहे थे।
इस गंभीर मुद्दे को मैंने लगातार संसद, रेल मंत्रालय और रेलवे प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर ठोस और स्थायी समाधान की मांग की गई।
रेलवे महाप्रबंधक द्वारा साझा की गई विस्तृत कार्य योजना
मेरे पत्र पर संज्ञान लेते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा एक विस्तृत Action Plan साझा किया गया है, जिसका उद्देश्य ट्रेनों के समय पालन में सुधार और यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना है।
नीचे इस कार्य योजना के प्रमुख बिंदु सरल भाषा में दिए गए हैं।
🛠 ट्रेनों के विलंब को कम करने के लिए उठाए जा रहे मुख्य कदम
1. तत्काल राहत के उपाय
रेलवे ने सबसे पहले उन कारणों पर काम शुरू किया है, जिनसे रोजमर्रा के संचालन में देरी हो रही थी।
- टाटानगर में रिवर्सल से बचने के लिए साउथ बिहार एक्सप्रेस में दोनों सिरों पर इंजन का उपयोग
- मालगाड़ियों के इंजनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाना
- ट्रेनों की मूवमेंट पर कड़ी और लगातार निगरानी
- सीनी स्टेशन पर ट्रेनों का सीमित ठहराव, ताकि अनावश्यक देरी रोकी जा सके
इन कदमों से तुरंत स्तर पर ट्रेनों की गति और समय पालन में सुधार की उम्मीद है।
2. हाथियों की सुरक्षा के साथ परिचालन में सुधार
इस क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही के कारण अक्सर ‘कॉशन ऑर्डर’ लागू करना पड़ता है, जिससे ट्रेनों की रफ्तार कम हो जाती है।
- एआई (AI) सक्षम थर्मल कैमरों के माध्यम से हाथियों की निगरानी
- वास्तविक स्थिति के अनुसार ही कॉशन ऑर्डर लागू करना
- इससे अनावश्यक देरी में कमी आएगी और वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी
यह कदम तकनीक और सुरक्षा दोनों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।
3. बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार
रेलवे ने सिर्फ अस्थायी नहीं, बल्कि लंबे समय तक असर डालने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों की भी योजना बनाई है।
- सीनी यार्ड का संशोधन, जिसे अगले 6 महीनों में पूरा किया जाएगा
- टाटानगर रेलवे स्टेशन पर 4 नए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का निर्माण
- सीनी, कांड्रा और गम्हरिया में रेल ओवर रेल (RoR) का निर्माण, ताकि सतह क्रॉसिंग की समस्या खत्म हो
- सीनी और राजखरसवां के बीच मल्टी-लाइन निर्माण, जिससे ट्रेनों की क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग आसान होगी
ये सभी कार्य पूरे होने के बाद चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों का संचालन कहीं अधिक सुचारु हो सकेगा।
हाल की घटनाओं पर रेलवे की सख्त कार्रवाई
हाल ही में चक्रधरपुर मंडल में असामाजिक तत्वों द्वारा सिग्नल केबल चोरी और घने कोहरे के कारण परिचालन प्रभावित हुआ था। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।
यात्रियों को भरोसा और भविष्य की दिशा
रेल यात्रियों की सुविधा, समयबद्ध ट्रेन संचालन और क्षेत्र की मजबूत रेल कनेक्टिविटी मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। रेलवे द्वारा साझा की गई यह कार्य योजना इस बात का प्रमाण है कि समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है।
आने वाले समय में इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम यात्रियों को स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। मेरा निरंतर प्रयास रहेगा कि आपकी आवाज सही मंच तक पहुंचे और रेल सेवाएं भरोसेमंद बनें।
निष्कर्ष
टाटानगर और आसपास के रेल खंड में वर्षों से चली आ रही देरी की समस्या अब समाधान की दिशा में बढ़ चुकी है। तत्काल राहत से लेकर दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तक, रेलवे द्वारा उठाए जा रहे कदम यात्रियों के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं।
यात्री सुविधा और समय पालन हमारा लक्ष्य है, और यह लक्ष्य अब ज़मीन पर उतरता दिख रहा है।










