Bhagalpur Arariya Galgaliya Rail Projects & Amrit Bharat Express Demands | Latest Railway Update
Bhagalpur–Arariya Rail Connectivity and Amrit Bharat Express Demands
उत्तर बिहार, सीमांचल और भागलपुर क्षेत्र से जुड़ी रेलवे मांगें एक बार फिर चर्चा में हैं। कई ऐसी परियोजनाएं हैं जो सालों से फाइलों में दबी पड़ी हैं, जबकि इनसे न सिर्फ यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी सीधा फायदा मिलेगा।
इन दिनों चुनावी माहौल और सांसदों की सक्रियता के कारण इन मांगों को फिर से केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के सामने जोरशोर से रखा जा रहा है।
Pending Rail Projects in Bhagalpur–Manihari Section
भागलपुर रोड (पश्चिम बंगाल) से मनीहारी (बिहार) नई रेलवे लाइन परियोजना वर्ष 2008 से लंबित है। यह लाइन गंगा नदी के पार संपर्क स्थापित करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है।
Why This Rail Line Is Important
- भागलपुर, कटिहार और मनीहारी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी
- गंगा घाट और पर्यटन स्थलों को बढ़ावा
- पूर्वोत्तर और उत्तर बिहार की दूरी में बड़ी कमी
- मालगाड़ियों के लिए नया वैकल्पिक रूट
इस परियोजना के सर्वे और रिपोर्ट पहले ही तैयार हो चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
Amrit Bharat Express Route Change Demand
हाल ही में अररिया, सुपौल और झंझारपुर के सांसदों ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर डिब्रूगढ़–गोमती नगर अमृत भारत एक्सप्रेस (15949/50) के रूट में बदलाव की मांग की है।
Proposed Route Details
- अररिया
- गलगलिया
- फारबिसगंज
- झंझारपुर
- दरभंगा
- सीतामढ़ी
- अयोध्या धाम
- गोमती नगर
इस रूट से ट्रेन चलने पर सीमांचल और मिथिलांचल के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
Demand for Direct Bhagalpur to Varanasi Train
1935 से चलने वाली ऐतिहासिक अपर इंडिया एक्सप्रेस को 2021 में बंद कर दिया गया था। इसके बाद से भागलपुर और वाराणसी के बीच सीधी ट्रेन सेवा नहीं है।
Impact of Train Discontinuation
- व्यापारियों को अतिरिक्त समय और खर्च
- यात्रियों को कई स्टेशनों पर बदलनी पड़ रही ट्रेन
- धार्मिक और सांस्कृतिक आवागमन प्रभावित
स्थानीय संगठनों और रेल उपयोगकर्ता समूहों की मांग है कि भागलपुर से वाराणसी के लिए सीधी ट्रेन फिर से शुरू की जाए।
Pressure on Katihar–Barauni Rail Section
फारबिसगंज, दरभंगा और झंझारपुर रूट पर ट्रेनों का अत्यधिक दबाव है। यदि अमृत भारत एक्सप्रेस को गलगलिया–अररिया रूट से चलाया जाता है, तो:
- कटिहार–बरौनी रेलखंड पर दबाव कम होगा
- नई अधोसंरचना का बेहतर उपयोग होगा
- उत्तर बिहार और उत्तर बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों को फायदा मिलेगा
Political and Regional Significance
तीन-तीन सांसदों द्वारा रेल मंत्री को पत्र लिखना इस बात का संकेत है कि यह सिर्फ स्थानीय मांग नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास से जुड़ा मुद्दा है। रेलवे कनेक्टिविटी का सीधा असर रोजगार, निवेश और सामाजिक जुड़ाव पर पड़ता है।
What Passengers Expect from Indian Railways
- लंबित परियोजनाओं पर समयबद्ध निर्णय
- नए रूट्स पर लंबी दूरी की ट्रेनें
- छोटे और मध्यम स्टेशनों को राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ना
- संतुलित यात्री और माल यातायात
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FAQs
Q1. Bhagalpur–Manihari rail line कब से लंबित है?
यह परियोजना वर्ष 2008 से लंबित है और अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
Q2. Amrit Bharat Express के रूट में बदलाव की मांग क्यों हो रही है?
ताकि सीमांचल, मिथिलांचल और उत्तर बिहार के अधिक जिलों को सीधी लंबी दूरी की ट्रेन सुविधा मिल सके।
Q3. Bhagalpur से Varanasi के लिए अभी कोई सीधी ट्रेन है?
नहीं, अपर इंडिया एक्सप्रेस के बंद होने के बाद कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है।
Q4. इस रूट से व्यापार को क्या फायदा होगा?
कम समय, कम लागत और बेहतर लॉजिस्टिक्स से स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी।
External Reference
भारतीय रेलवे की आधिकारिक जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते हैं:
👉 https://indianrailways.gov.in










