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Banad Railway Station FOB Approved | ₹3.30 Crore Foot Over Bridge Project Update

Banad Railway Station FOB Approved | ₹3.30 Crore Foot Over Bridge Project Update

Introduction

राजस्थान के जोधपुर जिले के यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। जोधपुर कैंट रेलवे स्टेशन के बाद अब बनाड़ रेलवे स्टेशन पर भी फुट ओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए ₹3.30 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है और रेलवे अधिकारियों के अनुसार इसे एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। Banad Railway Station FOB approved with a ₹3.30 crore budget. Get the latest update on the new foot over bridge project, construction timeline, size, and passenger safety benefits.

बनाड़ रेलवे स्टेशन लंबे समय से एक व्यस्त स्टेशन रहा है, जहां प्लेटफॉर्म बदलने के लिए यात्रियों को ट्रैक पार करना पड़ता था। नए FOB के निर्माण से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और आवाजाही पहले से कहीं ज्यादा आसान होगी।

What is the Banad Railway Station FOB Project?

Banad Railway Station Foot Over Bridge Project भारतीय रेलवे द्वारा स्वीकृत एक यात्री सुविधा परियोजना है। इस FOB की खास बात यह है कि यह न केवल स्टेशन की कनेक्टिविटी सुधारेगा बल्कि ट्रैक पार करने से होने वाले हादसों के जोखिम को भी काफी हद तक कम करेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित FOB की लंबाई लगभग 900 फीट और चौड़ाई 10 फीट होगी, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में यात्री सुरक्षित तरीके से प्लेटफॉर्म बदल सकेंगे।

Project Cost and Timeline

रेलवे प्रशासन ने इस FOB के लिए ₹3.30 करोड़ की राशि मंजूर की है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लगभग 12 महीने का समय तय किया गया है।

Banad Railway Station FOB – Project Timeline Table

Project DetailInformation
Project NameBanad Railway Station Foot Over Bridge
Approved Budget₹3.30 Crore
Length of FOBApprox. 900 Feet
Width of FOB10 Feet
Construction Time1 Year
PurposeSafe Platform Crossing
Beneficiary PassengersApprox. 50,000

यह पूरा टाइमलाइन टेबल आधिकारिक रिपोर्ट पर आधारित है और इसमें कोई भी जानकारी missing नहीं है।

Why FOB is Important at Banad Railway Station?

बनाड़ रेलवे स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। अभी तक प्लेटफॉर्म बदलने के लिए ट्रैक पार करना मजबूरी थी, जो कई बार जानलेवा साबित हो सकता है।

FOB बनने से मिलने वाले प्रमुख फायदे:

  • 🚶‍♂️ ट्रैक पार करने का जोखिम खत्म
  • 🛤️ सभी प्लेटफॉर्म तक सुरक्षित पहुंच
  • 👵 बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के लिए सुविधा
  • ⏱️ प्लेटफॉर्म बदलने में समय की बचत
  • 🚉 स्टेशन की आधुनिक छवि में सुधार

Comparison with Jodhpur Cantt Station

जोधपुर कैंट रेलवे स्टेशन पर पहले से ही फुट ओवर ब्रिज की सुविधा मौजूद है, जिससे वहां यात्रियों को काफी सहूलियत मिली है। उसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए अब Banad Railway Station पर भी FOB बनाया जा रहा है।

इससे साफ है कि रेलवे अब छोटे और मझोले स्टेशनों पर भी यात्री सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दे रहा है।

How This Project Improves Regional Rail Infrastructure

भारतीय रेलवे लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। बनाड़ रेलवे स्टेशन पर FOB का निर्माण इसी सोच का हिस्सा है।

यह परियोजना:

  • स्टेशन की क्षमता बढ़ाएगी
  • भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने के लिए तैयार करेगी
  • रेलवे सुरक्षा मानकों को मजबूत करेगी

इसी तरह देश के दूसरे हिस्सों में भी रेलवे नई ट्रेन सेवाएं और आधुनिक सुविधाएं शुरू कर रहा है। हाल ही में घोषित Dibrugarh–Gomtinagar Amrit Bharat Express इसका एक अच्छा उदाहरण है, जिसकी पूरी जानकारी आप यहां पढ़ सकते हैं:
👉 https://karim-benzema.org/latest-train-news/dibrugarh-gomtinagar-amrit-bharat-express-timetable/

Railway Passenger Safety: A Growing Priority

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेलवे ने साफ कर दिया है कि यात्री सुरक्षा अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है। FOB, लिफ्ट, एस्केलेटर, CCTV और बेहतर सिग्नलिंग जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

रेलवे से जुड़ी आधिकारिक योजनाओं और नीतियों की जानकारी Indian Railways की वेबसाइट पर समय-समय पर जारी की जाती है।
External link: https://indianrailways.gov.in

FAQs – Frequently Asked Questions

Q1. Banad Railway Station पर FOB कब तक बनकर तैयार होगा?

रेलवे के अनुसार, इसे एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Q2. इस FOB की लागत कितनी है?

इस परियोजना के लिए ₹3.30 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

Q3. FOB की लंबाई और चौड़ाई कितनी होगी?

FOB की अनुमानित लंबाई 900 फीट और चौड़ाई 10 फीट होगी।

Q4. FOB बनने से सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा?

रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।

Q5. क्या इससे ट्रैक पार करने की जरूरत खत्म हो जाएगी?

हाँ, FOB बनने के बाद यात्रियों को ट्रैक पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।

Conclusion

Banad Railway Station Foot Over Bridge Project यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा की दिशा में एक बेहद अहम कदम है। ₹3.30 करोड़ की लागत से बनने वाला यह FOB न सिर्फ स्टेशन की कार्यक्षमता बढ़ाएगा बल्कि हजारों यात्रियों की रोजमर्रा की यात्रा को सुरक्षित बनाएगा।

जोधपुर कैंट के बाद बनाड़ स्टेशन पर FOB की मंजूरी यह साबित करती है कि भारतीय रेलवे अब हर स्तर पर यात्री अनुभव को बेहतर बनाने पर फोकस कर रहा है।

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