Indian Railways Ticket Booking Rules 2026: Bulk Booking पर सख्ती
भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और आम यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 07 जनवरी 2026 को जारी किए गए नए कमर्शियल सर्कुलर के तहत, अब bulk ticket booking और multiple user ID misuse पर कड़ी निगरानी की जाएगी। Indian Railways Ticket Booking Rules 2026
इस फैसले का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो एजेंटों या दलालों के जरिए बड़ी संख्या में टिकट बुक कर उन्हें महंगे दामों पर बेचते हैं। रेलवे का साफ कहना है कि रिजर्वेशन सिस्टम का फायदा केवल genuine यात्रियों तक ही पहुंचे।
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What Is This New Railway Circular About?
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी Commercial Circular No. 01 of 2026 का मकसद ऑनलाइन टिकट बुकिंग में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना है। सर्कुलर में साफ तौर पर बताया गया है कि:
- कुछ लोग multiple user IDs का इस्तेमाल करके
- बहुत कम समय के अंदर (यहां तक कि एक ही मिनट में)
- यात्रा की तारीख से लगभग 60 दिन पहले
- बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते हैं
और बाद में उन्हें ज्यादा कीमत पर बेचते हैं। यही वजह है कि रेलवे ने अब ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है।
Tickets Freeze Rule: नया नियम क्या कहता है?
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई टिकट:
- एक से ज्यादा User ID से बुक की गई हो
- बहुत कम समय में बार-बार बुक की गई हो
- और वह यात्रा की तारीख से करीब 60 दिन पहले की हो
तो ऐसी टिकटों को temporarily FREEZE किया जा सकता है।
Freeze होने का मतलब क्या है?
- टिकट तुरंत कैंसिल नहीं होगी
- पहले verification और जांच की जाएगी
- जांच पूरी होने के बाद टिकट valid भी रह सकती है
यह प्रक्रिया पूरी तरह सिस्टम-based होगी ताकि genuine यात्रियों को परेशानी न हो।
Genuine Passengers को डरने की जरूरत क्यों नहीं?
यह नियम आम यात्रियों के खिलाफ नहीं है। अगर आप:
- अपनी जरूरत के हिसाब से टिकट बुक करते हैं
- एक या दो User ID का सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं
- बार-बार suspicious तरीके से booking नहीं करते
तो आपको किसी भी तरह की समस्या नहीं होगी।
रेलवे का साफ कहना है कि यह कदम केवल touts, agents और misuse करने वालों के खिलाफ है।
PRS Counter Booking पर क्या असर पड़ेगा?
सर्कुलर में यह भी साफ किया गया है कि:
- PRS (Computerized Reservation System) counters
- यानी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर
पर टिकट बुकिंग के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यह नियम फिलहाल केवल online ticket booking system पर लागू होगा।
CRIS और IRCTC की क्या भूमिका होगी?
रेलवे बोर्ड ने यह जिम्मेदारी दी है कि:
- CRIS और IRCTC
- सिस्टम-level पर जरूरी बदलाव करेंगे
- ताकि suspicious booking patterns को पहचानकर रोका जा सके
IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर यात्रियों को आगे चलकर नए alerts और guidelines भी देखने को मिल सकते हैं।
👉 External Link: https://www.irctc.co.in
Indian Railways का उद्देश्य क्या है?
Indian Railways का मुख्य उद्देश्य है:
- Reservation system को fair बनाना
- आम यात्रियों को confirmed टिकट का बेहतर मौका देना
- Black marketing और illegal ticket selling पर रोक लगाना
यह फैसला लंबी दूरी की ट्रेनों और peak season booking में काफी मददगार साबित हो सकता है।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां
अगर आप future में किसी परेशानी से बचना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- एक ही व्यक्ति कई IDs से booking न करे
- बार-बार एक ही route पर bulk booking न करें
- केवल जरूरत के अनुसार टिकट बुक करें
- किसी agent या unauthorized व्यक्ति से टिकट न खरीदें
FAQs – Frequently Asked Questions
Q1. क्या मेरी टिकट cancel हो जाएगी अगर freeze हो गई?
नहीं। टिकट पहले freeze होगी, फिर verification के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
Q2. क्या यह नियम Tatkal booking पर भी लागू होगा?
यह नियम मुख्य रूप से advance booking (लगभग 60 दिन पहले) पर लागू है। Tatkal पर अलग नियम चलते हैं।
Q3. क्या family के लिए multiple tickets बुक करना गलत है?
नहीं। अगर booking genuine है और misuse नहीं है, तो कोई समस्या नहीं होगी।
Q4. PRS counter से टिकट लेने वालों पर असर पड़ेगा?
नहीं। PRS counters की timing और process में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
Q5. कब से यह नियम लागू होगा?
यह सर्कुलर 07 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
निष्कर्ष
रेलवे का यह फैसला आम यात्रियों के हित में है। bulk booking और multiple ID misuse पर रोक लगने से टिकट availability बेहतर होगी और black marketing पर लगाम लगेगी। अगर आप सही तरीके से टिकट बुक करते हैं, तो यह नियम आपके लिए फायदेमंद ही साबित होगा।










